बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना में दो दिवसीय श्रीमद फाउंडेशन, पटना वार्षिकोत्सव सह न्यास ऊर्जा ऊपचार सम्म्मेलन आज प्रारम्भ हुआ। प्रथम दिवस तीन सत्रों में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। 
प्रथम सत्र में न्यासयोग ऊर्जा उपचार विमर्श के अंतर्गत विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने ऊर्जा असंतुलन के कारण और निदान पर अपने पक्ष रखें। 
कार्यक्रम का प्रारम्भ मंगलाचरण ओर दीप प्रज्वलन से हुआ। इंस्टीच्यूट ऑफ हिलींग एंड अल्टरनेटिव थेरेपी की कार्यकारी निदेशिका श्रीमती सुमिता साही ने सर्वप्रथम न्यास प्रणेता डॉ. बी.पी. साही का परिचय दिया।
 न्यास मास्टर श्री अविनाश त्रिवेदी ने तनाव के कारणों को विस्तार से बताया। 
न्यास ग्रैंड मास्टर श्रीमती रेखा सिंह ने बताया कि शरीर के विभिन्न ऊर्जा केंद्रों को न्यास योग के माध्यम से संतुलित कर सभी तरह के समस्याओं से छुटकारा को पाया जा सकता है। 
छतीसगढ़ से आए न्यास ग्रैंड मास्टर श्री रामशरण टण्डन ने अपने अनुभव के माध्यम से बताया कि पहले मैं अध्यात्म को बाबाओं का ढकोसला समझता था, लेकिन जब न्यासयोग के माध्यम से इसके गहराई में गया तो देखा शब्द बोलते हैं।
 द्वितीय सत्र में न्यास प्रणेता डॉ. बी पी साही और पद्मश्री उषा किरण खान की अध्यक्षता में डॉ. रीता सिंह की तीन पुस्तक "न्यास योग ऊर्जा उपचार", "गुरुमुख से" और " न्यास का इतिहास" का विमोचन हुआ। 
डॉ. साही ने कहा कि ऊर्जा को संतुलित करने का अभ्यास ही उपचार है। अब सम्मेलन न्यास युग की शुरुआत है। 
पुस्तक विमर्श में पंचकोशी साधक श्री लाल बिहारी सिंह जी ने कहा कि इन पुस्तकों में गुरु का सानिध्य, गुरु का अभ्यास, गुरु की ऊर्जा सबकुछ प्रतिध्वनित हो रहा है। 
पुस्तक समीक्षा करते हुए प्रो. श्रीपति त्रिपाठी ने कहा कि यह छोटी-छोटी तीन पुस्तक बहुत विशाल है। इसके प्रत्येक शब्द जीवन जीने की कला है। यह गुरु का सामीप्य है। 
भागलपुर की गांधीवादी समाजसेवी श्रीमती सुजाता चौधरी ने कहा अध्यात्म को सरलता से सामने ले आना इस पुस्तक की विशेषता है। 
अध्यक्षीय भाषण देते हुए डॉ. उषाकिरण खान ने कहा कि, इस पुस्तक में कोई नई बात नहीं है। नई बात यह है कि इस भूल चुके विधा को सहजता में इस पुस्तक में लाया गया है। यह विद्वानों की तरह सरल व्यक्ति के लिए भी सहज है। 
समारोह में इन विधाओं से जुड़े उर्जा उपचारकों को विभिन्न सम्मान से सम्मानित किया गया। 
डॉ. बी.पी.साही सम्मान, 2018, लाइफ टाइम एचीवमेंट के लिए डॉ मीरा श्रीवास्तव को, श्रीमद पंचकोशी साधना सम्मान 2018 
पंचकोशी शाधक श्री लाल बिहारी सिंह को, राकेश चन्द्र स्मृति सम्मान, 2018, न्यास योग युवा उपचारक श्री अविनाश त्रिवेदी को 

श्री सच्चिदानन्द मिश्र स्मृति सम्मान, 2018, ज्योतिष ऊर्जा उपचारक, श्री धीरज कुमार श्रीवास्तव को दिया गया। 
कार्यक्रम संचालन लोकप्रिय साहित्यकार प्रो. मंगला रानी ने और धन्यवाद ज्ञापन स्त्री विमर्श की साहित्यकार भावना शेखर ने किया। सरस्वती वंदना सुश्री भारती मिश्र ने प्रस्तुत किया। 
तीसरे सत्र में ऊर्जा उपचार ध्यान न्यास ग्रैंड मास्टर उत्तरा सिंह और प्रश्नोत्तर पंचकोशी साधक लाल बिहारी सिंह जी के द्वारा सम्पन्न हुआ।
 सम्म्मेलन के दूसरे दिन के विशेष प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. श्रीपति त्रिपाठी ने किया। मुख्य अतिथि मुरारका संस्कृत महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ. ब्रह्मानन्द चतुर्वेदी ने कहा कि आध्यात्मिक चिकित्सा का एक ही सूत्र है, "सबको जाना है" इसपर पुर्ण विश्वास। कष्ट आया है, तो वह भी जाएगा यह विश्वास होते ही चिकित्सा सम्पन्न हो जाती है। 
श्रीमद के कार्यो का प्रतिवेदन फाउंडेशन की सचिव डॉ. रीता सिंह ने प्रस्तुत किया। 
आज ऊर्जा उपचार के विशेष प्रशिक्षण तीन सत्र में  सम्पन्न हुए। प्रथम सत्र में न्यासयोग सूक्ष्म व्यायाम योग विशेषज्ञ श्री नवीन कुमार श्रीवास्तव के द्वारा करवाय्या गया। 
प्राणायाम का प्रशिक्षण देते हुए न्यास योग मास्टर उपासना सिंह ने बताया कि प्राणों का आंतरिक विस्तार करना ही प्राणायाम है। 
दूसरे सत्र में पंचकोशी साधक श्री लाल बिहारी सिंह ने कहा कि पंचकोश की शुद्धि न्यास प्रक्रिया के माध्यम सम्पन्न होती है। यह प्रक्रिया ऊर्जा को संतुलित कर पंचकोश की प्रखरता बढ़ाता है। डॉ. साही के द्वारा विश्व समुदाय की दी गई यह प्रक्रिया बहुत बड़ी देन है। यह ऋषि सत्ता परम्परा की ही कड़ी है। 
 तीसरे और अंतिम सत्र में ज्योतिष ऊर्जा उपचारक श्री धीरज कुमार ने तंत्र की भ्रांति को दूर करते हुए कहा कि तंत्र कोई डरने की विधा नहीं है। यह ऊर्जा संग्रह की ही व्यवस्था है। इसी सत्र में न्यास ऊर्जा उपचार का प्रशिक्षण डॉ. रीता सिंह के द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण में शोधन प्रक्रिया, मानसिक बदलाव प्रक्रिया, चक्र सन्तुलन प्रक्रिया और दूसरे की चिकित्सा सिखाई गई। 
व्यक्तिगत समस्या-समाधान में डॉ. उत्तरा सिंह ने न्यास चिकित्सा की। 
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आयोजक मंडल के सदस्य श्री रामशरण टण्डन ने सभी आगत अतिथि और मीडिया को सभी सहयोग के लिए धन्यवाद कहा।